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सिंघु बॉर्डर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप में निहंगों ने युवक की बेहरमी से हत्या कर शव लटकाया

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संयुक्त किसान मोर्चा ने पूरे प्रकरण से पल्ला झाड़, मृतक की पत्नी ने कहा गुरु साहिब का अपमान कराने वाले को सामने लाये पुलिस


विशेष संवाददाता
नई दिल्ली।
किसान आंदोलन के हॉटस्पॉट में से एक सिंघु बॉर्डर आज एक अलग मामले को लेकर चर्चा में है। सिंघु बॉर्डर से लगे हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली में एक युवक की अंग-भंग लाश बैरिकेड पर लटकी मिलने से सनसनी फैल गई। दरअसल 35-36 साल के युवक लखबीर सिंह को निहंगों ने बेरहमी से मार दिया। पहले उसके हाथ-पैर काटे, उसे रस्सी से बांधकर 100 मीटर तक घसीटा और जब तड़प-तड़पकर उसका दम निकल गया तो निहंगों ने लाश किसान आंदोलन के मंच के सामने बैरिकेड से लटका दी।

दलित था मृतक लखबीर

लखबीर के चेहरे के ये भाव दम तोड़ने से चंद सेकेंड पहले के हैं। उसकी आंखों में मौत का मंजर दिखाई दे रहा है। इस समय वह निहंगों के सवालों के जवाब दे रहा था, लेकिन आवाज कांपने लगी थी।

लखबीर सिंह पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव का रहने वाला था और जाति से दलित था। बताया जा रहा है कि उसकी नशे की लत के चलते पत्नी जसप्रीत तीन बेटियों को लेकर पांच साल पहले मायके चली गई थी। तब से लखबीर अपनी बुआ के घर रह रहा था। निहंगों का आरोप है कि लखबीर ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की, इसलिए उसे जान से मार दिया। निहंगों के इस कबूलनामे का वीडियो भी सामने आ चुका है।

निहंगों ने पुलिस को लाश उतारने से रोका, मीडिया को भी धमकाया
बीती रात करीब 3.30 बजे हुई इस घटना की जानकारी सुबह 5 बजे मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो निहंगों ने लाश उतारने से रोक दिया। मीडियापर्सन फोटो लेने लगे तो उन्हें भी धमकी दी गई कि फोन जेब में डाल लें। बाद में किसान नेता बलदेव सिरसा मौके पर पहुंचे तो पुलिस को डेड बॉडी उतारने दी गई। इसके बाद पुलिस ने लखबीर का शव सोनीपत के सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। मौके पर कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है और पुलिस जांच के सिलसिले में चीमा खुर्द गांव पहुंची है।

निहंग ठान चुके थे कि लखबीर को जिंदा नहीं छोड़ेंगे
लखबीर पर हमले के एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति हाथ में डंडा लिए हुए दिख रहा है। वह दावा कर रहा है कि गुरुवार रात 3.30 बजे घोड़ों की सेवा कर रहे निहंगों ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करते युवक को पकड़ा था। इसलिए निहंगों ने युवक का एक हाथ और एक पैर काट दिया है। अगर आज गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हो जाती तो लोग कहते कि निहंग खुद तंबुओं में बैठे हैं और उन्हें गुरु महाराज की कोई परवाह नहीं है। पुलिस आएगी। उसे जो कार्रवाई करनी है कर ले, हमें किसी का डर नहीं। आज इसे यहीं मार डालेंगे।

निहंगों का आरोप- लखबीर को पैसे देकर बेअदबी के लिए भेजा गया
निहंगों का कहना है कि लखबीर को साजिश के तहत गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए भेजा गया था। इसके लिए उसे 30 हजार रुपए दिए गए थे। यहां घोड़ों की सेवा कर रहे निहंगों ने उसे पकड़ लिया और घसीटते हुए पंडाल के पास लाया गया।

लखबीर का मौत से पहले का वीडियो भी सामने आया
मौत से पहले के एक वीडियो में लखबीर खून से लथपथ तड़पता हुआ दिख रहा है। कुछ लोग उससे कह रहे हैं कि अपना नाम बताओ, कहां से आया और किसने यहां भेजा? वो कह रहा है कि सच्चे पातशाह गुरु तेग बहादुर निहंगों को मेरा वध करने की आज्ञा बख्शें और मुझे अपने चरणों में स्थान दें।

36 वर्षीय लखबीर उर्फ टीटू पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा का रहने वाला था। वह गांव में अपनी मृतक बुआ के घर अपनी बहन और भतीजी के साथ रह रहा था। उसकी नशे की आदत से परेशान होकर ही पांच साल पहले पत्नी भी तीन बेटियों को लेकर उसे छोड़ मायके चल गई थी। पत्नी ने मांग की है कि जिसने भी ऐसी हरकत करवाई है, उसे सामने लाया जाए। मूल रूप से गांव कलस नजदीक सराय अमानत खां का रहने वाला था। पिता का नाम दर्शन सिंह था, जिनकी तकरीबन 6 साल पहले मौत हो गई। नशे की लत से परेशान होकर पत्नी जसप्रीत कौर ने लखबीर को छोड़ देने का फैसला किया। तीन बेटियों तान्या (12), सोनिया (10) और कुलदीप कौर (8) को लेकर वह पांच साल पहले मायके चली गई। इसके बाद लखबीर भी अपनी बुआ महिंदर कौर के घर पर आकर रहने लगा।

नशे के लिए बेच देता था घर का सामान
टीटू की बहन राज कौर ने बताया कि उसके पति मंगा की मौत तकरीबन 10 साल पहले हो चुकी है। पति की मौत के बाद से ही वह बुआ के पास आकर रहती थी। पांच साल पहले भाई टीटू की पत्नी भी छोड़ कर चली गई और वह भी गांव चीमा में आकर रहने लगा। इतना कुछ होने पर भी टीटू ने नशे को नहीं छोड़ा। घर का सामान बेच-बेच कर वह नशा करता था। गांव में उसके नशे की आदत के कारण किसी ने उसे नौकरी नहीं दी। मृतक टीटू पहले हवेलियां गांव में जाकर चारा डालने का काम करता था।

बहकावे या लालच में किया ये काम
मृतक की बहन राज कौर ने जानकारी दी कि गांव चीमा में आने के बाद वह निहंगों के साथ उठता-बैठता था। वह 13 अक्टूबर को मंडी जाने की बात कह कर घर से निकला था। ऐसा शक है कि कोई उसे पैसों का लालच देकर या बहका कर दिल्ली साथ ले गया हो।

घटना के बाद पत्नी भी पहुंची चीमा गांव

सुबह 10 बजे के करीब लखबीर उर्फ टीटू के मरने की खबर उसके गांव चीमा में पहुंच चुकी थी। उसकी पत्नी जसप्रीत कौर को जब घटना का पता चला तो वह सदमे में चली गई। दो बड़ी बेटियों तान्या व सोनिया का रो-रो कर बुरा हाल है। जिसके बाद जसप्रीत उन्हें अपने मायके ही छोड़ छोटी बेटी, मां और भाई-भाभी के साथ गांव चीमा पहुंच गई। पत्नी गुमसुम घर में एक कोने पर पलंग पर बैठी है। उसका कहना है कि पांच साल पहले चाहे वह टीटू को छोड़ चली गई थी, लेकिन लगाव आज भी था। फोन पर टीटू बेटियों से बातें किया करता था।

किसी के बहकावे में आकर यह कदम उठाया है

पत्नी जसप्रीत कौर का कहना है कि टीटू दिल का बुरा नहीं था और ना ही कभी उसने किसी का बुरा चाहा। नशा एक ऐसी आदत थी, जिसे वह छोड़ नहीं पाया। उसे पूरा यकीन है कि उसने यह हरकत किसी के बहकावे में आकर ही की है। उसे किसी ने अपनी बातों में फंसाया है। किसी ने नशे या पैसों का लालच देकर ही यह काम करवाया है।

नशे के कारण उसे गांव में कोई काम नहीं देता था

टीटू की नशे की आदत के बारे में सबको पता था। यही कारण था कि वह हवेलियां गांव जाकर काम करता था। गांव में वह अगर किसी से काम मांगता ताे सभी उसे मना कर देते थे। गांव के बुजुर्ग सुलखन सिंह ने जानकारी दी कि टीटू को पैसे मांगने की आदत थी। वह गांव के लोगों से 10-20 रुपए लेकर नशा कर आता था।

पत्नी की मांग, हरकत करवाने वाले को सामने लाए सरकार

मृतक लखबीर की बहन राज कौर और भतीजी।

पत्नी जसप्रीत के परिवार ने मांग उठाई है कि टीटू कभी यह कदम नहीं उठा सकता। अगर उसे किसी ने बहकाया है ताे उसे सामने लाना चाहिए। वे सरकार से मांग करते हैं कि टीटू से ऐसी हरकत करवाने वाले को सामने लाकर सच का पता किया जाए।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप में निहंग सिंहों द्वारा की गई हत्या के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने पूरे प्रकरण से पल्ला झाड़ लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा की वर्चुअल मीटिंग के बाद इस प्रकरण पर बयान जारी किया गया है। SKM ने अपने बयान में कहा है कि सुबह हुई हत्या की जिम्मेदारी एक निहंग सिंह ग्रुप ने ली है।

संयुक्त मोर्चा ने कहा है कि तनतारन निवासी लखबीर सिंह की हत्या पर हमें दुख है। मृतक कुछ समय से हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले निहंग ग्रुप के साथ रह रहा था। मोर्चा सदस्यों ने कहा कि हम किसी भी धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के भी खिलाफ हैं। मगर अपराध पर किसी व्यक्ति विशेष या समूह को कानून अपने हाथ में लेने का भी अधिकार नहीं है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मांग करते हैं कि बेअदबी और हत्या दोनों ही मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सिंघु बॉर्डर पर हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की स्टेज के पीछे पर निहंग सिंहों के तंबू लगे हुए हैं। इसके आसपास पुलिस तैनात है। पुलिस का खुफिया विंग घटना से जुड़े सभी वीडियो को जुटाने में लगा है, ताकि कोई सबूत हाथ लग सके।

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