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अभिव्यक्ति के नाम पर प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने वाले ट्विटर पर एक्शन की तैयारी, आईटी मंत्रालय ने स्वदेशी एप Koo के जरिए दिया संदेश

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नई दिल्‍ली। ट्विटर और मोदी सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। देश-विरोधी गतिविधियों को मंच देने और प्रोत्साहित करने के विरोध में बार-बार नोटिस के बावजूद ट्विटर समुचित कदम नहीं उठा रहा है। इससे नाराज मोदी सरकार ने ट्विटर के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। ट्विटर के स्वदेशी विकल्प ‘कू’ (Koo) एप का सहारा लेते हुए मोदी सरकार ने ट्विटर के ब्लॉग पोस्ट अपडेट को “असामान्य” करार दिया। आईटी मंत्रालय ने ट्विटर के बजाय ‘कू’ एप पर संदेश पोस्ट किया, जिसमें लिखा कि ट्विटर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के साथ औपचारिक बातचीत की मांग कर रहा है।

ट्विटर ने बुधवार को कहा कि उसने भारत सरकार के दवाब में ‘‘केवल भारत में ही’’ कुछ आकउंट को बंद करने के निर्देश के तहत कुछ आकउंट पर रोक लगाई है। हालांकि, नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं, राजनीतिज्ञों एवं मीडिया के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का उल्लंघन होगा। साथ ही ट्विटर ने ब्लॉगपोस्ट में कहा कि नुकसानदेह सामग्री कम नजर आए इसके लिए उसने कदम उठाए हैं, जिनमें हैशटैग को ट्रेंड करने से रोकना एवं खोजने के दौरान इन्हें देखने की अनुशंसा नहीं करना शामिल है।

मोदी सरकार ने 1,178 अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए ट्विटर को नोटिस जारी किए थे, जिनके ऊपर खालिस्तानी से जुड़े होने या पाकिस्तान द्वारा समर्थित होने का संदेह है। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पिछले हफ्ते ट्विटर पर 257 अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए कहा था जो ‘मोदी की किसान नरसंहार की योजना’ हैशटैग का उपयोग कर रहे थे और किसानों के आंदोलन के बीच फेक, डराने वाले और उत्तेजक ट्वीट्स कर रहे थे। हालांकि ट्विटर ने सरकार के नोटिस का जवाब नहीं दिया।

गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कई अन्य सरकारी संगठनों ने ट्विटर का एक स्वदेशी विकल्प ढूंढा है और स्वदेश में निर्मित ‘Koo’ एप का रुख किया है। इन संगठनों के अब ‘Koo’ एप पर आधिकारिक अकाउंट हैं। सरकारी मंत्रालयों के खातों में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, MyGov, डिजिटल इंडिया, इंडिया पोस्ट और NIC के हैंडल में शामिल हैं।

केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद पिछले साल अगस्त से भारत में निर्मित माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म का हिस्सा रहे हैं। रविशंकर प्रसाद के ‘कू’ एप पर 4.29 लाख से ज्यादा फालोअर्स हैं। इसके अलावा शिपिंग मिनिस्टर मनसुख मंडाविया भी स्वदेशी ‘कू’ एप पर हैं। उनके पास देसी माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। उन्हें ‘कू’ पर 2.34 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। अगस्त 2020 में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर एप इनोवेशन चैलेंज के विजेताओं में ‘कू’ एप भी शामिल था।

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